'हम सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक ही नदियों के बच्चे हैं', भारत दौरे पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने क्यों कही ये बात?
नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने भारत के साथ विकास आधारित साझेदारी की वकालत करते हुए कहा कि नेपाल एक उभरते हुए आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है. भारत दौरे के दौरान उन्होंने विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, जल संसाधन और डिजिटल सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की.
Nepal India Relations: नेपाल के विदेश मंत्री Shishir Khanal ने भारत के साथ विकास केंद्रित साझेदारी की वकालत करते हुए कहा है कि नेपाल अब पारंपरिक भू-राजनीतिक सोच से आगे बढ़कर आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और तकनीकी सहयोग पर ध्यान देना चाहता है.
भारत दौरे के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए खानाल ने कहा कि नेपाल एक ऐसे भारत के साथ जुड़ना चाहता है जो आज वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक और तकनीकी शक्ति के रूप में उभरा है.
'हम सिर्फ पड़ोसी नहीं, एक ही नदियों के बच्चे हैं'
भारत-नेपाल संबंधों की गहराई का जिक्र करते हुए खानाल ने कहा, 'हम सिर्फ नक्शे पर पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि एक ही नदियों के बच्चे हैं.'
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर लोगों की समझ बनाने में मीडिया की अहम भूमिका है. उनके मुताबिक भारत और नेपाल जैसे जीवंत लोकतंत्रों में मीडिया दोनों देशों के संबंधों की कहानी को लोगों तक पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम है.
उभरते भारत के साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहता है नेपाल
खानाल ने कहा कि सीमा के उस पार नेपाल को एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में भारत दिखाई देता है.
उन्होंने कहा, 'हम एक ऐसे उभरते भारत को देखते हैं जिसने खुद को दुनिया के सामने तेज़ी से बढ़ती तकनीकी और आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है. हम महत्वाकांक्षा, नवाचार और बेहतर क्रियान्वयन वाले इस नए भारत के साथ जुड़ना चाहते हैं.'
जयशंकर के साथ कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा
नेपाल के विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar के साथ विस्तृत बातचीत हुई.
उन्होंने कहा कि चर्चा में व्यापार, सीमा पार कनेक्टिविटी, ऊर्जा साझेदारी, जल संसाधन प्रबंधन और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे.
खानाल ने कहा कि नेपाल अब भारत के साथ अपने संबंधों के केंद्र में आर्थिक बदलाव और विकास को रखना चाहता है और पुराने भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के नजरिए से रिश्तों को नहीं देखता.
भारत-नेपाल के बीच डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देशों के बीच सहयोग में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए खानाल ने बताया कि नेपाल की NCHL और भारत की NPCI के बीच हुए समझौते के तहत सीमा पार डिजिटल भुगतान व्यवस्था शुरू की जा रही है.
इस पहल से दोनों देशों की भुगतान प्रणालियां आपस में जुड़ेंगी और UPI जैसी सीमा पार डिजिटल लेनदेन सुविधा उपलब्ध होगी. इससे कारोबारियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
भूकंप पुनर्निर्माण परियोजनाएं नेपाल को सौंपी गईं
खानाल ने बताया कि 2015 के विनाशकारी भूकंप के बाद भारत की सहायता से नेपाल में तैयार की गई 72 स्वास्थ्य क्षेत्र की परियोजनाएं और 12 सांस्कृतिक क्षेत्र की पुनर्निर्माण परियोजनाएं औपचारिक रूप से नेपाल को सौंप दी गई हैं.
उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के मजबूत सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है.
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI में भी बढ़ेगा सहयोग
नेपाल और भारत अब डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं.
इस दिशा में काठमांडू यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारत के Digital India Mission के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया है.
इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है.
नेपाल की प्राथमिकता है जनता को दिखें नतीजे
नेपाल के प्रधानमंत्री की संभावित भारत यात्रा से जुड़े सवाल पर खानाल ने कहा कि नेपाल का नेतृत्व ऐसी साझेदारियों को आगे बढ़ाना चाहता है जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले और जिनके नतीजे जमीन पर दिखाई दें. उन्होंने कहा कि नेपाल की सरकार विकास और जनहित से जुड़े ठोस परिणामों पर फोकस कर रही है.
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