'अगर E20 नहीं चाहिए तो अधिक पैसे देकर 100% पेट्रोल लो', एथेनॉल पर हंगामा के बीच नितिन गडकरी, बेटों के कारोबार पर भी तोड़ी चुप्पी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को लेकर निजी हितों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक और दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है.
Nitin Gadkari On Ethanol Blending: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को लेकर उन पर लगाए जा रहे हितों के टकराव (Conflict of Interest) और निजी लाभ के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि एथेनॉल और अन्य वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने का उनका उद्देश्य केवल देश में प्रदूषण कम करना और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाना है. गडकरी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है और यह पूरी तरह राजनीतिक रूप से प्रेरित है.
'राजनीतिक कारणों से बनाया जा रहा निशाना'
गडकरी ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा है, उसका कोई ठोस आधार नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उन्हें और केंद्र सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उनके मुताबिक, सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कई बातें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं.
'बेटों के कारोबार में एथेनॉल की हिस्सेदारी बेहद कम'
अपने परिवार के कारोबारी हितों को लेकर उठे सवालों पर गडकरी ने स्पष्ट किया कि उनके बेटों द्वारा संचालित चीनी मिलों में एथेनॉल का कारोबार कुल व्यवसाय का केवल लगभग 10 प्रतिशत है. देश के कुल एथेनॉल कारोबार में उनकी हिस्सेदारी 0.5 प्रतिशत से भी कम है.
उन्होंने यह भी बताया कि इन कंपनियों पर करीब 1,600 करोड़ रुपये का कर्ज है और उनका स्वयं इस कारोबार के संचालन, एथेनॉल की खरीद या उसकी कीमत तय करने में कोई हस्तक्षेप नहीं है. उन्होंने कहा कि एथेनॉल की कीमत केंद्र सरकार की कैबिनेट तय करती है, इसलिए व्यक्तिगत लाभ का आरोप पूरी तरह निराधार है.
'नई नहीं, वर्षों पुरानी है एथेनॉल नीति'
गडकरी ने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम किसी एक सरकार की योजना नहीं है. इसकी शुरुआत अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय हुई थी और बाद में यूपीए सरकार ने भी इसे आगे बढ़ाया. उन्होंने याद दिलाया कि तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने भी संसद में इस कार्यक्रम का समर्थन किया था.
केवल गन्ना नहीं, मक्का, पराली और बांस से भी एथेनॉल पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने हमेशा सिर्फ गन्ने से बनने वाले एथेनॉल का समर्थन नहीं किया, बल्कि मक्का, धान, पराली और असम के बांस से बनने वाले एथेनॉल को भी बढ़ावा दिया है.
उन्होंने कहा कि इससे बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों को बेहतर दाम मिले हैं, जबकि हरियाणा और पंजाब में पराली की समस्या का समाधान भी एथेनॉल उत्पादन के जरिए किया जा रहा है.
E20 पेट्रोल पर क्या बोले गडकरी?
E20 पेट्रोल को लेकर इंजन खराब होने की आशंकाओं पर गडकरी ने कहा कि अब तक सरकार को ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है. उन्होंने दावा किया कि सभी E10-अनुपालक वाहन E20 ईंधन के उपयोग के लिए उपयुक्त हैं.
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल से थोड़ी कम होने के कारण हाईवे पर तेज रफ्तार में चलने के दौरान माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन शहरों में इसका प्रभाव लगभग नगण्य है.
'100% पेट्रोल चाहिए तो ज्यादा कीमत चुकानी होगी'
जब उनसे पूछा गया कि क्या पेट्रोल पंपों पर E10 और E20 दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि देश पहले ही 20 प्रतिशत एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर चुका है और लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर E20 उपलब्ध है.
उन्होंने कहा, "यदि कोई व्यक्ति एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नहीं लेना चाहता, तो वह 100 प्रतिशत पेट्रोल खरीद सकता है, लेकिन उसके लिए अधिक कीमत चुकानी होगी."
हाईवे की गुणवत्ता पर भी दिया जवाब
राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर गडकरी ने कहा कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है. उन्होंने बताया कि 950 से अधिक हाईवे परियोजनाओं की समीक्षा की गई है और जहां भी गुणवत्ता में कमी पाई जाएगी, संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
वैकल्पिक ईंधन ही भविष्य: गडकरी
गडकरी ने कहा कि एथेनॉल, मेथेनॉल, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे स्वच्छ ईंधन भविष्य की आवश्यकता हैं. उनका मानना है कि इससे न केवल वायु प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि भारत का कच्चे तेल के आयात पर खर्च भी घटेगा और किसानों को नई आय के अवसर मिलेंगे. उन्होंने ब्राज़ील, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां वर्षों से बायोफ्यूल का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है.
ये भी देखिए: दुनिया हथियार बेचने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश भारत, जानिए सैन्य ताकत के लिए कितना करता है खर्च










.png)