BREAKING:
क्या आप घर किराए पर ले रहे हैं? किराएदार और मकान मालिक दोनों जान लें पहले ये ज़रूरी नियम       सिर्फ 43 किमी फेंसिंग, 1600 किमी बॉर्डर पर खतरा, भारत-म्यांमार बॉर्डर पर घुसपैठ, ड्रोन और उग्रवाद का कनेक्शन!       58 महिलाएं, काला खेल, हिडेन कैमरा और फिर समाधान के बहाने... नासिक का ढोंगी ज्योतिषी और उसका 'डार्क' फार्महाउस       ईरान के हमले से हिला कतर, गैस सप्लाई पर संकट, LPG से लेकर चिप इंडस्ट्री तक असर, क्या भारत पर भी पड़ेगा असर?       अमेरिका का किन-किन देशों से है परमाणु हमले का खतरा? पाकिस्तान समेत इन देशों को लेकर बड़ा अलर्ट       West Bengal Election 2026: कितनी सीटें जीत रही है TMC? CM ममता बनर्जी ने किया बड़ा दावा       ATM से पैसे निकालने जैसा अब LPG गैस! 2 से 3 मिनट में मिलेगा सिलेंडर, इन स्टेप्स को करें फॉलो       Bihar Board 10th Result: इस तारीख को आ रही बिहार बोर्ड की 10वीं की रिजल्ट, इस डायरेक्ट लिंक पर जाकर करें चेक       PM Kisan 22nd Installment 2026: 9.32 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचे 2-2 हजार रुपये, ऐसे चेक करें पैसे आए या नहीं       साइलेंट स्लीप एपिडेमिक क्या है, जो भारत में 45% लोगों की निंद उड़ा रहा?      

Vinayaka Chaturthi 2024: कब है विनायक चतुर्थी? ऐसे करें गणपति की पूजा, सुख-समृद्धि का होगा आगमन

Vinayaka Chaturthi 2024: विनायक चतुर्थी के बेहद खास महत्व है. इस दिन गणपति की विशेष पूजा की जाती है. जिससे परिवार में सुख समृद्धि और संपन्नता आती है.

Vinayaka Chaturthi 2024: सनातन धर्म में किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले भगवान गणेश की सबसे पहले पूजा की जाती है. गणपति बप्पा को खुशहाली और सुख-समृद्धि का वरदान देने वाला भी माना जाता है. उनकी भक्ति में लीन भक्त उन्हें गणपति बप्पा कहते हैं. 

कब है विनायक चतुर्थी 2024? 

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी (Vinayaka Chaturthi) बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है. इस साल यानी 2024 में आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी 9 जुलाई को सुबह छह बजकर आठ मिनट पर आरंभ हो रही है और इसका समापन अगले दिन 10 जुलाई को सुबह 7 बजकर 51 मिनट पर होगा.  यानी की इसका व्रत 9 जुलाई को रखा जाएगा. इस दिन गणपति पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 3 मिनट से दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक है.

विनायक चतुर्थी पर ऐसे करें गणपति की पूजा  

विनायक चतुर्थी के दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र धारण करें. अब घर में मंदिर में पूजा की तैयारी करें. सबसे पहले एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं. इसके बाद उस पर भगवान गणपति की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें. 

अब पूजा प्रारंभ करने के लिए 3 गंगाजल हाथ में लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें और गणेश भगवान को सिंदूर लगाएं. उन्हें माला पहनाकर फूल अर्पित करें. गणपति को दूर्वा विशेषकर पसंद है, इसलिए गणपति को दूर्वा अर्पित करें और फिर मोदक का भोग लगाएं. इसके बाद अंत में गणपति की आरती करें.  इसके बाद गणेश जी के बीज मंत्रों का जाप करें. ऐसा करने से भगवान गणेश की परिवार पर कृपा बनी रहती है और घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है. 

ये भी देखिए: Ashadha Amavasya 2024: कब है इस बार आषाढ़ अमावस्या? बन रहा है शुभ संयोग, इन उपायों से पितर हो जाएंगे प्रसन्न

(Disclaimer: ये आर्टिकल सामान्य जानकारी पर आधारित है. इसमें विस्तृत जानकारी के लिए पुरोहित या पंडित से संपर्क करें. Khabar Podcast इसकी पुष्टि का दावा नहीं करता है.)